नरम मुलायम पहले प्यार सी है हिन्दी ब्लोगरी की यादें

ज़िंदा हो तो ज़िंदा दिखो भी. अगर हिंदी ब्लोगर हो तो चिटठा लिखो भी. ब्लोगरी से देर से जुड़ने वाले साथियों को बता दूँ, पहला चिट्ठा अनुनाद द्वारा ‘नौ दो ग्यारह’ लिखा गया था और शायद वह दिन १ जुलाई नहीं था.

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