अद्भुत भारत को मुबारक

mubarakबस मिठाई बाँटनी ही बाकि रही है, शेष तो हम भारतीय मिस्र के शासक की विदाई पर ऐसे खुश है जैसे घर में नई बहू आने वाली हो.

ट्विटर पर भारतीय खुश है, ट्विट की टें टें जारी है. मेल पर बधाई संदेश भेजे जा रहे है. बुद्धिजीवी खुश है, देखो कैसे अमेरिका की एसी-तेसी कर दी.. मिस्र गए हमारे पत्रकार ऐसे खुश है जैसे गोलियाँ खा कर उन्होनें ही वहाँ क्रांति ला दी हो.

इधर मिस्र में अब क्या होगा? अच्छा भी हो सकता है. और इस्लामिक शासन प्रणाली लागू हो जाए तो मिस्र, भारत और शेष विश्व के लिए खराब भी हो सकता है. मगर रूकिये हमने भारत के बारे में कब से सोचना शुरू कर दिया? केवल पराई चिंता में दुबले होना हमारे डीएनए में है. कभी इसी मिस्र ने खलीफा को चलता किया था तब भी हम दर्द से मरे जा रहे थे, उस समय भी खुद के देश की किसे पड़ी थी?

मुबारक ने अपने 30 साल लम्बे शासनकाल में लोकतंत्र को मरणासन कर दिया था. विपक्ष जैसा कुछ बचा नहीं था और अब जनक्रांति के बाद सेना के हाथ सत्ता लग गई है. ऐसे में मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे प्रतिबन्धित दल सत्ता में आता है तो यह भारत सहित विश्व के हित में कतई नहीं होगा और मिस्र की जनता भी कुएं से निकल कर खाई में ही गिरेगी. वैसे अटकलबाजियों से दूर वास्तव में क्या होगा यह तो समय ही बताएगा.

मिस्र की जनता सड़क पर उतरी, जीती. हमने क्या किया? क्या उन्हें देख कर हम अपनी भ्रष्ट सरकार के विरूद्ध सड़क पर उतरने को प्रेरित हुए? मगर पराई जीत में ऐसे उछल रहे हैं जैसे हमने ही गढ़ जीत लिया हो. सचमुच भारत अद्भुत है!

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अद्भुत है भारत इसलिए भी कि उसका शासक ईमानदार तो है, मगर हजार बेईमानों का नेता है.

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10 Responses to “अद्भुत भारत को मुबारक”

  1. प्रवीण पाण्डेय says:

    बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना।

  2. हमारी संस्कृति और संस्कार में पराई पीड़ा से पीड़ित होना है भाई..तो क्यों न हों…

    वैसे यह भी तो हो सकता है,मिश्र की जनता अपने यहाँ सुराज लाने के बाद अब इधर भारत में सुराज लाने के लिए मार्च कर जाए…

    सोचकर खुश होने में क्या जाता है…

  3. अजी दुनिया मे कही कुछ हो हमे तो सिर्फ़ तालियां बजानी आती हे , ओर उम्मीद करनी आती हे शायद अब हमारी झोली मे कुछ गिरे, ओबामा जीता सभी बहुत खुश थे, अब मिस्र मे हुआ जो भी हमारे लिये यह भी बहुत अच्छी बात हे, जब दुनिया मे गलत होता हे तो हमारे लोग देश मै ही तोड फ़ोड भी तो करते हे, लेकिन हमारे मे इतनी हिम्मत नही कि हम अपने देश के बारे सोचे, इन बातो के लिये जिगर चाहिये मर्द जेसी हिम्मत जो हम सब मे नही सिर्फ़ ताली बजाना ओर वो हम बाखुबी करते हे.इटली की नारी को हम देश की बहूं कहेगे,उस की गुलामी भी करेगे, देसी बहूं को जलायेगे

  4. सुलभ says:

    भारतीय दो ही काम में आगे हैं – प्रशंसा करना और शिकायतें करना.

  5. “अद्भुत है भारत इसलिए भी कि उसका शासक ईमानदार तो है, मगर हजार बेईमानों का नेता है.”

    वल्लाह कुर्बान जाऊं, क्या लाजवाब और लखटकिया बात कही है आपने MMS साहब के लिये, बहुत धारदार आलेख.

    रामराम.

  6. अपना भारत तो अद्भुतहै ही .बढ़िया आलेख,बधाई.

  7. बढ़िया प्रश्न किया है आपने संजय भाई.

    परन्तु दूसरों के लिए चिंतित होना अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का आधार है. अमेरिका विश्व के लिए चिंतित है. चीन पाकिस्तान के लिए चिंतित है. भारतीय कम्यूनिस्ट फिलिस्तीन के लिए चिंतित है. भारत मिस्र के लिए (काश मिश्र के भी होता) चिंतित है. मिश्र ट्विटर के लिए चिंतित हैं.

    अपने लिए चिंता चिता के सामान होती है. यह हमारे शास्त्रों में लिखा गया है. पूरा विश्व आज हमारे शास्त्रों के हिसाब से चल रहा है. 😉

  8. फ़ोकट में खुद की पीठ थपथपाने में हम हमेशा आगे रहे हैं…
    और MMS साहब “ईमानदार” हैं यह गुब्बारा फ़ूटने में भी अधिक वक्त नहीं बचा है… 🙂
    फ़िर भी हम चादर ताने घरों में सोये रहेंगे…

  9. ajit gupta says:

    हम तो चिन्‍ता के सिवाय और कर भी क्‍या सकते हैं?

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