नाक कटवा दी, नालायकों ने

घोटाला, महा घोटाला, छोटा घोटाला, बड़ा घोटाला, खेलों में घोटाला, तेलों में घोटाला. घोटाला.. घोटाला. हमारे माननीय नेताओं के महा घोटाले. और उतनी ही बड़ी बड़ी हमारी गाँलिया… जी भर के कोसा है हमने अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को. आप कह सकते है कि इसके अलावा हम और कर ही क्या सकते है?

हम आशा कर सकते है. आशा यह कि उनका नाम विश्व के अमीर राजनेताओं की सूची में आए. इतने घोटाले… और उसके ‘कमाया’ इतना पैसा…. मगर सब बेकार. बड़े बड़े घोटालेबाजों का कहीं नाम लेवा नहीं. नाक कट गई अपनी तो.

वो तो भला हो एक राजनेता का जिसका नाम किसी घोटाले में नहीं और तो और वो किसी संवेधानिक पद पर भी नहीं कि आप झट से उसके दुर्पयोग का आरोप लगा दें. वो कोई उद्योगपति भी नहीं कि चलो टेक्स चोरी करे या कालाधन दबा ले. उनके तो आय स्रोतों का ही अता-पता नहीं. आयकर का विवरण भी सार्वजनिक नहीं किया गया है. सही भी है, जो भी आयकर भरते है, उनकी जान को खतरा तो रहता ही है. सच कहूँ तो ऐसी नेता ने ही लाज रख ली. विश्व की चौथी सबसे धनवान राजनेता है वो. मैं नहीं कहता, अंग्रेज बहादुर ही कह रहे हैं.

एक देशभक्त होने के नाते थोड़ा रंज जरूर है कि पहला स्थान न पा सके. और यह कोई नई बात नहीं पश्चिम वाले सदा पक्षपात करते ही हैं, पहले क्रम पर अपने वाले को ही रखना था.

अब, भारत के हो रहे निर्माण पर किसी को शक है?

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3 Responses to “नाक कटवा दी, नालायकों ने”

  1. Ranjana says:

    बिलकुल नहीं जी, कोई शको सुबहा नहीं…

    हाँ, आपकी तरह इस बात का रंज जरूर है कि इन पक्षपातियों ने हमें चौथे स्थान पर ढ़केल दिया..बहुतै नाइंसाफी है ई….
    😈

  2. વિરલ says:

    हमारी जनता दरियादील है

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