प्याज के प्रताप से

onionसीधी सरल बात है आप इसे हास्य व्यंग्य समझ कर हँसी हँसी में उड़ा सकते है या फिर प्याज के प्रताप से आने वाले समय की इन कल्पनाओं से रोमांचित हो सकते है.

जैसे, कुछ सुख गरीब के नसीब में कभी नहीं होते. आयकर वालों के छापे से हमेशा किसी न किसी अमीर की इज्जत बढ़ती रही है, मगर अब प्याज के प्रताप से गरीब की झोंपड़ी में भी “अघोषित मूल्यवान वस्तु” रखने के कारण आयकर वालों का छापा पड़ सकता है. फिर बुधिया भी अपनी फटी धोती में गर्व से घूमा करेगा, आयकर वालों को आधा किलो प्याज उसकी झोपड़ी से बरामद जो हुए होंगे.

प्याज के भाव सरकारी नियंत्रण में आने से कोटा-परमिट वाला स्वर्णकाल फिर से लौट सकता है, इससे घूसखोर अधिकारी व संग्रहखोर वेपारी दोनो के ही चाँदी काटने के दिन आ जाएगें. प्याज राशन में मिला करेगा, इससे ब्लैक करने वालों के दिन भी फिरेंगे.

जब तक सरकार है, सम्भावनाएं भी हजार है. सरकार प्याज के भाव हर पन्द्रह दिन में पुनरावलोकन कर सकती है, या फिर “भारतीय प्याज-दर विनियामक प्राधिकरण” बनाया जा सकता है. सरकार रेल मंत्रालय की तरह प्याज मंत्रालय भी खोल सकती है. जब प्याज मंत्री द्वारा वार्षिक प्याज बजट प्रस्तुत होगा, स्वाद रसिक प्रजा टीवी में मुँह घुसाए देख रही होगी. तब चुनावी वर्ष में भाव गिरने की कल्पना सचमुच रोमांचकारी हुआ करेगी.

सरकारी कल्पनाएं मजा नहीं दे रही हो तो आम जनता के बीच चलिए. ऐसा हर कहीं सुनाई देगा “नहीं नहीं हमें कुछ नहीं चाहिए, बस बारात का स्वागत प्याज की किसी ‘आइटम’ से होना चाहिए”.

या फिर “सुना है तेरे मिंया कही मजदूरी करते है”. “मजदूरी से तेरा क्या मतलब है? प्याज की बोरियाँ ढोतें हैं, प्याज की…”

इरान ने भारत को तेल देने से मना कर देगा, भारत रूपया या डॉलर देना चाहेगा, इरान तेल के बदले प्याज माँग रहा होगा. चीन ऐसे सस्ते प्याज डम्प करेगा जो देखने में सुन्दर गोल गोल होगें मगर उनमें न स्वाद होगा न सुगंध.

जब यह लिख रहा हूँ, पीछे से कोई पढ़ कर बोला, देर कर दी..प्याज के भाव गिर रहे है. वैसे भी वह समय गया जब प्याज सरकार गिरा सकता था. मैने कहा, लिखा है तो छाप देता हूँ यार, मजाक मजाक में…

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13 Responses to “प्याज के प्रताप से”

  1. प्रवीण पाण्डेय says:

    फिल्में बनेगी, प्याज का राज।

  2. अजी अब लोग दहेज मे भी प्याज ही मांगे गे…. बहुत सुंदर लिखा आप ने प्याज पुराण

  3. गाना भी बन सकता है; “तू मेरा प्याज मैं तेरी प्याजनी..”

  4. लोगों में धार्मिक उन्माद भड़काकर चुनाव जीतने की उम्मीद पालने से कहीं ज़्यादा अच्छा है सत्ताधारियों को प्याज की कालाबाज़ारी करके हरा डालना 😉

  5. जैसे प्याज के दिन फिरे हैं वैसे इश्वर सब के दिन फिराए…

    नीरज 😀

  6. इस शहर में पिछले कुछ ही वर्षों में प्याज २ रुपये प्रति किलो भी बिका है. कल ही लाया आधा किलो ३० रुपये में. २५ में भी (आधा किलो) मिल रहा था परन्तु इज्जत का सवाल था. ३० वाली ही ली. धन्य हो.

  7. हा हा! कभी संजय बेंगानी कहें कि मेरी पोस्ट पसन्द आये तो एक प्याज जरूर देते जायें!
    लाला समीरलाल अपनी सौ टिप्पणियों के बदले दस ग्राम प्याज खरीदते पाये जायें!

  8. 😐 सही है…..

  9. ये प्याज तो बड़ी ऊँची चीज हो गयी जी…. 🙂

  10. ajit gupta says:

    प्‍याज भी इस सरकार के कारण कितना खुश होगा कि कभी भगवान की थाली से लुढक गया था तो लोग हेय समझने लगे थे लेकिन हा हा यह ही है असली सरकार जिसने मेरी कीमत समझी और मुझे जमीन से उठाकर आसमान पर बैठा दिया।

  11. भारतीय नागरिक says:

    😉 क्या प्याजिया पोस्ट है…

  12. मन प्याज प्याज (बाग़ बाग़ -प्याज का) हो गया पढ़कर…

    लाजवाब पोस्ट !!!

    😆

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