महंगाई कम करने का नया नुस्खा …

mahangaiमहँगाई कम करो, मंत्री जी. जनता में बैचेनी है, कब तक कम हो जाएगी?
यह मेरे बस में नहीं है, महामंत्री जी. मैं ज्योतिषी नहीं हूँ, आप जानते ही है.

समझ नहीं आता फिर आप कर क्या सकते है, मंत्रीजी?
महामंत्री, मैं क्रिकेट खिलवा सकता हूँ, मीलें चलवा सकता हूँ, राजनीति कर सकता हूँ…..

बस बस ये सब तो पता है, आप तो यह बताओ महँगाई कम करने के लिए आपने क्या किया?
जो मेरे बस में था मैंने किया, मैंने बयान दिया, बार बार दिया, जोरदार बयान दिया, कि महँगाई कम होगी. मगर वह नहीं हुई तो मैं क्या करूँ?

कहने भर से महँगाई कम होती है क्या?
जब कहने भर से बढ़ सकती है तो कहने भर से कम क्यों नहीं हो सकती? मैं तो कहता हूँ एक बार आप भी कह कर देखो, शायद महँगाई मान जाए और कम हो जाए.

ऐसे नहीं चलेगा, जनता को लगना चाहिए कि हम महँगाई को कम करने की कोशिश कर रहे है?
महँगाई कम करने की कोशिश करनी चाहिए?! अभी तो चुनाव दूर है! या फिर कि केवल लगाना है कि हम कोशिश कर रहे है?

क्या हम सचमुच कम कर सकते है?
नहीं.

तो फिर जनता को कैसे भुलावा दे सकते है?
यह आप पर है, जो चाहे करें. बस याद रखना आपने मुझ पर जवाबदारी डाली तो मैं आप को लपेट लुंगा.

कोई उपाय ध्यान में है?
है ना, उपाय तो है ही.

बताओ.
पहले जनता को बताएं कि चीनी 100 रू. किलो होगी.

क्या?!!!
बिलकुल, यही बताएं. फिर भाव तो उतने बढ़ेंगे नहीं. जनता को बताएँगे कि भावों पर काबू करने में बहुत मेहनत की है. चीनी को 60 से उपर जाने नहीं दिया. जनता को राहत होगी कि 60 ही तो है, 100 तो नहीं.

बात तो जम रही है, और क्या कर सकते है?
पेट्रोल….पेट्रोल जनता कि कमजोरी है, इस पर ध्यान देना होगा.

माने भाव घटाने होंगे?
नहीं, 10 रू. बढ़ाने की सिफारिश करनी होगी. लगे हाथ रसोई गैस 150 रू. बढ़ा देते है. फिर मैडम के आशीर्वाद से सरकार उसे नामंजूर कर देगी. जनता को राहत महसूस होगी.

मंत्रीजी, हम जनता को राहत पहुँचाने का कितना ध्यान रखते है, जनता नाहक चिल्लाती है.
जनता चिल्लाने के अलावा कर ही क्या सकती है, महामंत्रीजी?

आपस में “राष्ट्र-महाराष्ट्र” कर सकती है, मंत्रीजी. हीं-हीं-हीं-हीं
हीं-हीं-हीं-हीं सत्य वचन. इसलिए तो कहता हूँ, आप महँगाई को लेकर नाहक परेशान हो रहे हैं, महामंत्रीजी.

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11 Responses to “महंगाई कम करने का नया नुस्खा …”

  1. P.C.Godiyal says:

    वही परते के आगे कुछ और पीछे कुछ और , इसकी टोपी उसके सर, और जनता भी खुश !

  2. बहुत गजब आईडिया है मंत्री जी. जल्दी से इस आईडिया को आगे बढ़ाकर मैडम जी महा मेडल के हकदार बन जाइए. नरेगा से इतना पैसा पार्टी को जा रहा है, ये आईडिया साथ हो ले तो मामला सोने पर सोहागा टाइप हो जाएगा.

    जय आईडिया मंत्री की. :mrgreen:

  3. बहुत धाँसू विचार है. आप राजनीति में क्यों नहीं हैं?
    घुघूती बासूती

  4. जनता चिल्लाने के अलावा कर ही क्या सकती है, महामंत्रीजी?
    —————
    ओह, हम चिल्ला भी नहीं पा रहे! खर्चे कंजूसी से करते हैं, पर फिर भी मंहगाई चुभ रही है। और लगता भी नहीं कि कोई राहत आने वाली है।

    क्या किया जा सकता है?

  5. वाकइ जोरदार आइडियाज़ हैं मन्त्री और महामन्त्री जी के पास!

  6. अंशुमाली रस्तोगी says:

    बंधु, मैं तो न जाने कब से कह रहा हूं कि महंगाई ऐसा मुद्दा है ही नहीं जिस पर ज्यादा दिमाग खराब किया जाए या मंत्रीजी को कोसा जाए।

  7. बयान देने वाले मंत्री को पहले ही ऊपर वाला लकवा दे चुका है,
    लेकिन उसे समझ नहीं है…
    अब आगे-आगे देखो…
    ऊपर वाला हिसाब पूरा-पूरा ही करता है…

  8. बहुत सामयिक और सुंदर पोस्ट। आप ने बहुतों के मुहँ की बात कह दी।

  9. आईडिया तो सॉलिड लाये हैं..कहीं आपको ही न पार्टी महामंत्री बना दे.. 🙂

  10. Mahfooz says:

    वाकइ जोरदार आइडियाज़ हैं …..

  11. मुझे पता कोई प्रावबल नहीं
    (क्योंकि मुझे समझ आ गया है कि कुछ नहीं हो सकता)
    बस्स्स 🙁

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