महंगाई की मार से गणपति भी पेट काटने को मजबूर

नहीं रहे महाकाय

नहीं रहे महाकाय

महंगाई से आम आदमी का बजट तो बिगड़ा ही है और वह पेट काटने को मजबुर है, मगर अब तो महंगाई का असर भगवान को भी परेशान करने लगा है.

कल से गणेशोत्सव शुरू होने जा रहा है, यह उत्सव महाराष्ट्र में ही नहीं, अब देश के विभिन्न भागो में मनाया जाने लगा है. सूरत में तो मुम्बई जैसी रौनक होती है, अहमदाबाद भी अछूता नहीं. जगह जगह गणेशजी की मूर्तियाँ स्थापित होती है.

मूर्तियाँ बनाने का भी बहुत बड़ा व्यवसाय है. अहमदाबाद में गुलभाई टेकरा क्षेत्र में महिनों पहले से मूर्तियाँ बननी शुरू हो जाती है. इसी क्षेत्र से एक दिन निकल रहा था तो एक बात खास तौर पर ध्यान खिंच गई, “वक्र तुंड़ महाकाय” की काया महाकाय न हो कर छरहरी होती जा रही है. गणपति का गोल-मटोल पेट कसरत से सिक्सपैक की ओर जाता लगा. पेट का आकार घट कर आधा ही रह गया है.

इसका अर्थ यह नहीं है की गणेशजी पेट के आकार को लेकर चिंतित है और जीम जाने लगे है. वास्तव में महंगाई की मार ने रिद्धि-सिद्धि के दाता को भी आम आदमी कि तरह पेट काटने पर मजबूर कर दिया है. मूर्तियाँ बनाने के समान के भाव बढ़े हैं, वहीं खरिददार भी महंगाई का मारा है, ज्यादा जेब ढिली नहीं कर सकता. ऐसे में कीमतों को नियंत्रण में रखना आवश्यक हो गया है. मूर्ति निर्माता इसके लिए उत्पाद-शुल्क में कमी लाने के लिए कच्चे माल की बचत कर रहे है और इसे पूरा किया जा रहा है, गणेशजी के पेट के आकार को कम कर के.

क्या श्लोक “वक्र तुण्ड, महाकाय” को “वक्र तुण्ड, प्रमाण-काय” में बदलने का समय आ गया है?


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8 Responses to “महंगाई की मार से गणपति भी पेट काटने को मजबूर”

  1. वाह! बढ़िया उपाय है।

  2. Amit says:

    मन्ने तो यो ना समझ आवे है कि ये मूर्तियाँ खरीद के पानी में विसर्जन कर देने की क्या तुक है? एक तो वैसे ही महंगाई इतनी है कि आदमी दो वक्त की रोटी खा ले बड़ी बात है, और उसके चलते रुपए-पैसे और साधनों को इस तरह बर्बाद करना कहाँ की समझदारी है?! 🙂

  3. चाहे कुछ भी हो महंगाई अपना असर जरूर दिखाएगी। जैसा भक्त होगा वैसा ही भगवान को भी होना होगा। जेब की संकराई तो प्रतिमा के आकार को सीमित ही करेगी।

  4. क्या करेंगे? मंहगाई ने गणपति को भी मजबूर कर दिया है.

  5. अच्छा, गणपति डाइटिंग पर आ गये मंहगाई के चक्कर में! 🙂

  6. भाई जब छोटे पेट वालों का गुजारा नहीं तो… ये तो ठहरे लम्बोदर, महंगाई तो असर करेगी ही.

  7. gajanan maharaaj ko jitana khilao kam hai vaise hi mahagaai 15 pratishat se adhik badh chuki hai .
    jay ganesh deva

  8. Garima says:

    Wah…!! kya baat hai..!!!!!

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