मेरे संग्रह से: गाँधीजी

बा-बापू के नाम से

बा-बापू के नाम से

डाक टिकट संग्रह के शौक के चलते किशोरावस्था में बहुत सा समय और धन खर्च किया. सैंकड़ों डाक टिकटें खरीदी, खोजी, इक्कठी की. कुछेक अंग्रेजों के समय की भी है तो स्वतंत्र भारत की प्रथम डाक-टिकट भी संग्रह का हिस्सा है. एक समय लगता था दुनियाँ में गाँधीजी पर प्रकाशित सभी टिकटें एकत्र करूँगा. भारत में गाँधीजी पर प्रकाशित बहुत सी डाक टिकटें एकत्र भी की. डाक-टिकट पर पहले गाँधीजी के लिए “बापू” शब्द का प्रयोग हुआ था, मगर बाद की टिकटों पर महात्मा गाँधी लिखा जाने लगा.

धीरे धीरे इस शौक के लिए समय ही नहीं रहा, हाँ संग्रह को सम्भाल कर रखा है, अब अगर शौक हुआ तो इस संग्रह को उत्कर्ष व अद्वैत आगे बढ़ाएंगे.

फिलहाल तो ये रही गाँधीजी पर निकली डाक-टिकटें जो मेरे संग्रह का हिस्सा है, कुछ एक तो दुर्लभ होने को है.

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11 Responses to “मेरे संग्रह से: गाँधीजी”

  1. अच्छा लगा यह देख कर। यह मेरी जानकारी में न था कि पहले टिकट पर “बापू” लिखा जाता था।

  2. mamta says:

    डाक टिकट और सिक्के इकठ्ठा करने का एक जमाने मे हमे भी शौक था ।
    अच्छा लगा आपका कलेक्शन देखकर ।

  3. Shuaib.in says:

    आज ही पता चला कि पहले टिकट पर बापू लिखा जाता था। धन्यवाद जानकारी का।

  4. गांघी जी की टिकटों को अच्छा संग्रह दिखाया आपने और अच्छी जानकारी भी दी . ध्न्यवाद

  5. Ghost Buster says:

    वर्तमान में हमारा डाक टिकिट संग्रह पाँच टिकिटों का है. इनमें से चार वही हैं जो आपके नीचे वाले चित्र मैं सबसे नीचे की पंक्ति में बीचों बीच में हैं.

  6. अच्छा लगा देख कर इन टिकटों को।

  7. amit says:

    वाह, आपके और मेरे शौक कितने मिलते हैं। अब इसी पर एक पोस्ट ठेलता हूँ। 🙂

  8. बचपन में हमने भी बहुत कलेक्ट किया, न जाने कहाँ गुम गये. कुछ टिकिट तो उसी में के दिख रहे हैं.

  9. Hari Joshi says:

    नई जानकारी मिली कि पहले टिकटों पर बापू लिखा होता था। कभी अवसर मिला तो आपका संग्रह देखकर प्रसन्‍नता होगी।

  10. SHUAIB says:

    मैं ने 2 October को शाम NDTV India पर आपकी ये पोस्ट देखा, बधाई हो।

  11. बहुत अच्छे, डाक टिकट संग्रह जरी रखें…

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