राम का नाम, असुरी काम

श्री राम सेना (या राम को बदनाम करती सेना) के कार्यकर्ताओं द्वारा मैंगलोर के पब में युवक-युवतियों के साथ किया गया दुर्व्यवहार विशुद्ध गुण्डाई है. दोषियों के साथ कड़ी से थोड़ी ज्यादा कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए, ताकी अगली बार इस तरह महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर संस्कृति की रक्षा करने से पहले एक बार सोच ले.

बच्चे अगर बिगड़ रहें है तो उनकी चिंता करने के लिए उनके माँ-बाप है. कोई गैर कानूनी काम कर रहे हैं तो देश की पुलिस व कानून है. आप कौन होते हो, यह तय करने वाले कि कौन क्या पहने, क्या खाए, क्या पिए, क्या पढ़े, कब और कहाँ नाचे?

श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथ्थालिक का नाम भाजपा, रा.स्व.से.स., शिवसेना, बजरंगदल आदि से जुड़ा हुआ है. आरोप लग सकता है कि जहाँ भाजपा की सरकार होती है, वहाँ ऐसे तत्व सक्रिय हो जाते है. ऐसे में भाजपा का उत्तरदायित्व बनता है कि हिन्दू तालिबानीकरण की कोशिश करते तत्वों से दूरी बनाए और अपने विकासोन्मुखी गुजरात मॉडल जहाँ विश्व हिन्दू परिषद के विरोध के बाद भी उसने जीत प्राप्त की, को अपनाए.

अब अगर गुण्डागर्दी ही करनी हो तो अलग बात है, क्योंकि इससे आसानी से दो-चार लोगो को पीट-पीटा कर संस्कृति की रक्षा करने की आत्म संतुष्टि पायी जा सकती है. वरना करने को बहुत सारे काम है. हिन्दूओं में बेटी बचाओ, जाति भेद मिटाओ, अशिक्षा हटाओ जैसे ढेरों काम है जिनसे हिन्दू हितों की रक्षा की जा सकती. मगर ये काम थोड़े कठिन व श्रम साध्य है और आसानी से प्रसिद्धि भी नहीं मिलती.

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(यहाँ से… 27-1-2009 को जोड़ा गया)

इस घटना की तस्वीरें समाचारपत्रों में छपी है और टीवी पर भी प्रसारण हुआ है. तो क्या मीडिया को पहले से ही पता था कि लोगों की ठुकाई होने वाली है? अगर पता था तो पुलिस को क्यों नहीं बताया गया? या फिर मीडिया की जिम्मेदारी तस्वीरें लेने तक ही सीमित है? अगर मीडिया यह कहता है कि कानून व्यवस्था हमारी जिम्मेदारी नहीं, हमारा काम घटना को लोगो तक पहूँचाना मात्र है, तब तो कल कोई कहेगा आ जाओ कत्ल करने वाला हूँ या फलानी जगह बम फोड़ने वाला हूँ, कवर कर लो और मीडिया इन घटनाओं को कवर कर “सबसे पहले आप तक पहूँचाएगा.”

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24 Responses to “राम का नाम, असुरी काम”

  1. Suresh Chiplunkar says:

    पूरी तरह से सहमत… मेरी तरफ़ से भी दो जूते लगाये जायें…

  2. हाँ समाज में करने को बहुत से काम हैं जिनमें किसी को बिना कोई कष्ट दिए केवल लाभ पहुँचाए जा सकते हैं।
    घुघूती बासूती

  3. यह विशुद्ध गुंडा़गर्दी है।

  4. हम आपसे सहमत हैं.

  5. बिल्‍कुल सही यह गुण्‍डा गर्दी है

  6. ये बहुत अराजक तत्व हैं। इनपर चेक नहीं लगा तो ये हावी हो जायेंगे हिन्दू सभ्यता पर!

  7. आपने बडे ही गुरु गंभीर विषय पर अंगुली ऊठाई है और उसका सशक्त उपाय भी बताया है. आपकी जो चिन्ता है वो अक्सर देश में यत्र तत्र देखी जा सकती है. इस पर अंकुश लगना ही चाहिये. इस बात को ऊठाने के लिये आपको बहुत धन्यवाद.

    रामराम.

  8. ranjan says:

    सही कहा.. ये वाकई हमें बदनाम करतें है

    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं

  9. गुंडागर्दी किसी भी रूप में हो स्वीकार नही की जा सकती ऐसे तत्वों को सजा जरुर मिलनी चाहिए !

  10. dhirusingh says:

    सही मे यह राम का बदनाम कर रहे है . राम तो अहिल्या के उद्धारक है . इन फर्जी राम भक्तो ने ही तो मेरे राम को साम्प्रदायिक कर दिया .

  11. masijeevi says:

    आपकी मूल चिंता से मूलत: सहमति है बशर्ते बात के मूल तक भी पहुँचा जाए।

    एक गहरा संबंध है जो सीमा के दूसरी ओर के तालीबानों और इन तत्‍वों की मानसिकता में है।  अगर हम इन मुल्‍लाओं, सेनाओं, सेवकों, मुजाहिदीनों की इस उस हरकत को नजरअंदाज करते रहेंगे इन्‍हें दूसरों के अच्‍छे बुरे का निर्णय लेने की आजादी देने देंगे (सिर्फ घर में ही नहीं पूरी दुनिया में कहीं भी) तो तय है कि इनके शिकार हम बनेंगे।

    जागने का वक्त है ये 

  12. amit says:

    देखा जाए तो कन्सेप्ट नया नहीं है जी, शिवसेना यह काम बहुत टैम से कर रही है, बजरंग दल वालों ने भी यूपी में आज़मा के देखा है। और कहिए, भूतपूर्व शिवसेना का सैनिक राज अपना ही दल बना मनमानी कर रहा है (बस उसने अभी किसी देवी-देवता का नाम नहीं जोड़ा है अपनी गुंडा ऑर्गनाईजेशन के साथ और ज़रा दूसरे मुद्दों पर लोगों को तोड़-फोड़ रहा है) – इन लोगों का किसी ने अब तक क्या उखाड़ लिया है जो इस नई खर-पतवार का कोई कुछ कर लेगा? चार दिन हल्ला होता है और फिर लोग शांत बैठ जाते हैं। लोगों को तो चाहिए था कि जब ये गुंडे उनको पीट रहे थे तो लोगों को पकड़कर उनकी पिटाई कर देनी थी – लेकिन एकता और हिम्मत की तो हममे बहुत कमी है! हम कायर लोग हैं। 🙂

  13. sanjay jee
    me aap ke vicharo ko naman kartaa hau
    par kayaa aap bharat me charch  kee satta kaa  swagata ka rahe ho mushilam aatanka hindu aatanka agar ham sab aatankvadeee hai to eehai aur unkaa samudayaa hee sabhaya rahaa .Sanjay jee aap tv par sat-aath sal ke nonihalo se sex par vayang sun sakte hai . aap ko hee mubarak so aap ke ghar me nagantaa aap ko mubarak aagar mere padosee aisaa karegaa mai uskee lankaa jarur jaloygaa

    Hardyal Kushwaha 9891485947 New Delhi

  14. Sanjay Jee
    1.Aap Sahmat hai bharat mai Charch kaa raj ho
    2. Aap sahmat hai samachar chenal jo rast ke naam samvodhan naa dikhaakar laftar, sa re ga maa,aur bhavyasha vanee dekhne ke liye.
    3. Aap sahmat ho ge choe miya nanhe ustado se unke sex gayan ke liye

    4. Mai hindu hau mai musilamaa hau mai yadhudee aur sikha hau par eesai kabhee nahee.
    5. Aap pijaa aur bargar chomin dog cow ure kutta khana chahate ho shoka se khaoo par mere char me do rotee banne do mere bhai.aap BMW se, Bar me, Car me , nitharee me aur gajaa me mujhe mar sakte  ho maro par maire bachcho ko to palne do………………..

    Aapkaa julam, Aapkaa Das, 
    Hardayal Kushwaha
    09891485947

  15. कवि हरदयालजी,

    मैं टीवी नहीं देखता, न ही मेरा परिवार कोई अश्लिल कार्यक्रम देखता है. मुझे चर्च की सत्ता भी मंजूर नहीं. और मुस्लिम कट्टरपंथ पर तो मैने इतना लिखा है कि मुझे कट्टरपंथी हिन्दू माना जाता है. अगर आपकी नजर में तालिबान सही कर रहें है तो ही आप हिन्दू तालिबानों का स्वागत कर सकते है. हम सभ्य समाज में रहते है. हमारे पास अपनी सरकार है, पुलिस है, न्यायालय है. किसी दुसरे को इनका काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. अगर आज हम इनका विरोध नहीं करेंगे तो कल हम क्या पहने, क्या खाएं और क्या पढ़ें यह भी ये ही तय करने लगेंगे. हमारी स्वतंत्रता खो जाएगी. क्षमा करें मुझे यह मंजूर नहीं. आपको लगता है कि कोई काम सही नहीं है तो उसे मत करें, मगर आपको कोई अधिकार नहीं कि अपनी सोच दुसरों पर डालें. लोकतंत्र में जिना सीखना चाहिए. मैं जैन हूँ और शाकाहारी हूँ, तो क्या डण्डा लेकर निकल जाऊँ और जो भी माँसाहार कर रहें है यहाँ तक कि अण्डे ही खा रहें है, उन्हे पीटने लग जाऊँ? किसने मुझे यह अधिकार दिया है? मुझे मात्र यही अधिकार है कि अपने विचारों का प्रचार करूँ, लोगो को समझाऊँ कि माँसाहार गलत है. अपनी सोच किसी पर थोपने का अधिकार नहीं.

    और अंत में टीवी शो, माँसाहार और अश्लिलता का इस काण्ड से क्या सम्बन्ध है? अगर मैं अश्लिलता और माँसाहार को पसन्द नहीं करता तो महिलाओं को पीटने वाले लोगो का समर्थन करूँ?

  16. Sanjay Bhaiya
    Mai dillee kaa rahne valaa hau vigat 15 varsho se maine dillee dekhee hai udararee karan ke pahle bhee aur aaj bhee road par naa ho khule aam dhandha karne valee maa bahne dekhee na lootne wale auto chalak baso mai meree betee aur betaa esleeye nhee jate kee aage kush aise ladake nahee aadheda sabar hote hai jinhe bhasha kiyaa sabdo kaa matalab hee malumma nhee …………….aur pulis ko entery se matlab …………prasasan ko khlee sadak chaiye  netao ke kiya 

    aap kaa e mail milaa 21 jan. ko me aapne bhai ko lekar AIIMS gaya jahaa hamare PM aaye the aap media walo ka video hai mere pass  TV Chanal walo ne etanaa bhee nahee sochaa kee road to khlee chor de. mai jabab kish se magu ………………………

    Maine 50 seeto ke liya IIPM ke harroj  pahle pej par vigaypan dekhe ……………jimmedaree kon legaa

    Mai ya Aap yaa phir Samaaj ya MNC ya  USA kanun noida me garibo ke liye flat nikale to SDM swayam satayapit karte hai uhe  jiskee vetan 15000 mahva hai 10000 salana kaa afidivat dete hai  …………………… aur midea chup hai………..kiyo

    Kavi Kachhivan Hardyal Kushwaha

  17. मैं टीवी नहीं देखता, ????????????????
    Sanjaya jee

    aap kahte hai मैं टीवी नहीं देखता, ye neta jee walee pratikriyaa aap ke liye to aachchhee nahee

  18. कविजी, यहाँ समस्या प्रशासन की गैरजिम्मेदारी  व भ्रष्टाचार है. साम्यवाद व समाजवाद जहाँ सभी काम सरकारी बाबुओं को करना होता है तथा वे खूद को लोगो के भाग्यविधाता मानते है, भ्रष्टाचार ज्यादा पाया जाता हैं. भारत में अब मुक्त व्यवस्था लागू हुई है, बदलाव भी दिखेंगे. अगर आपके पास सरकारी फोन के स्थान पर नीजि कम्पनी का फोन होगा तो आप पाएंगे कि आपका फोन कम खराब होता है और ठीक करवाने के लिए साब-साब नही6 करना पड़ता और घूँस भी नहीं देनी पड़ती.

  19.  Sanjay jee 
    Aap jo bhee hai ek ne maanv hai par aap jaise vuddhjeevee jab sikke ka ekpahelu kekhe ho samaj glat dishaa letaa hai …………. mara aapnaa vichar hai ki. sahityaa aur samaaj sadev achchhe hatho mae rahanaa chahiye…….
    मैं पत्रकार भी नहीं हूँ, aagar aap jaise gagratra maanav ko mai patrakar na samjoo to kiya unahe man loo jo hamaare NSG gaurd ka live tele cast TV par dikhakar aatankavaadeeyo ko unnikrishanan par goli sadne mei madad kar goravanvit hai. कभी कभार डिस्कवरी देख लेता हूँ, बस.Aur mai hishory hamesaa dekhataa hau.aagar aap ko meree kisee shavd se thes pahuchee ho to chamaa prathee hau .
    Kavi Kachhivan Hardyal Kushwaha

  20. SHUAIB says:

    आज़ाद देश मे हर कोई राम और रहीम बनना चाहता है।

    तो बनने दो, आपको क्यों जलन हो रही है। मतलब आपको जलन नहीं भी होरही बल्कि उंगली उठा रहे हैं। अगर आप सच्चाई पर भी आवाज़ उठा रहे हैं तो किस्को क्या फ़र्क पडता है। हां ऐसे हालात मे कहने और लिखने को बहुत मन करता है दिल का ग़ुबार अपने चिट्ठे पर उतारते हैं क्योंकि हमारी कौन सुनता है।

    कई रहीम आए और हैं, आज भी पूरे देश मे जगह जगह कुछ लोग ख़ुदको राम और गांधी होने का ढोंग करते फिर रहे हैं। डिसको और बियर बार मे अकसर पढ़े लिखे लोग आते हैं यानी हाई सोसाइटी के वाले और जो लोग ख़ुदको राम-राहीम समझते हैं वे लोग पागल और जाहिल हैं। क्या करें, करने को कुछ धाम नहीं बस एक टोली बनाकर ख़ुद लीडर बन गए और अपनी पार्टी का कुछ भी नया नाम फिर निकल पडे तोड फोड के लिए।

    टिप्पणीयों मे आपकी ये बातें बहुत अच्छी लगी बिलकुल पंकज भाई की तरह – मुझे चर्च की सत्ता भी मंजूर नहीं. और मुस्लिम कट्टरपंथ पर तो मैने इतना लिखा है कि मुझे कट्टरपंथी हिन्दू माना जाता है……..

    बस यार ऐसे हालात मे दुःख होता है और ये दुःख अपने चिट्ठे से बातें करते हलका करते हैं।

  21. Maire bhai shuaib likhane ko mat likho shiv khera jee kaa vichar hai ki if you are not salutin so you are probilam tab to hame ek raha par chalannaa hee hogaa tv walo ne kiya kiyaa ek aise pagal ko jise galee kaa kuttaa bhee nahee jantaa ho gaa Hero banne kee kosees kee hai ab NDTV ko kitnaa kyaa milaa hogaa ya kiyaa milne wala hai raam hee jane ya to hindu jinhe es shavad ka arth bheee na malum ho …………….ya phir charch ke prohit ya roman Papa jo bhee ho har chenal ko No.1 honaa hai

    Kavi Kachhivan Hardyal Kushwaha

  22. dr.anurag says:

    हमारे टीचर  कहा करते थे की     धर्म  पहले आस्था से जोड़ा जाता था ….आजकल  हथियार है .. जहाँ बाकी चीजे  फ़ैल वहां इसे आजमा लो….. कब्जे  के लिये जमीन पर मन्दिर बना दो या कोई मजार ….किसी पेड़ के नीचे कोई मूर्ति बिठा दो….किसी एपिलेप्सी  के बीमार बच्चे को  भूत आया कहकर दिखा दो….या  औरत को  जबरदस्ती आग में धेकेल कर सटी करवा दो….ओर फ़िर उसके आस पास दुकाने बनवा दो….जय जय सती करते हुए   …तो काहे के राम ओर काहे के रहीम ..

  23. […] को कोसते हुए बहुत सी पोस्टें लिखी है ( यहाँ, यहाँ ) यहाँ देखें). ऐसे में दुसरों को […]

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