रावण-राज में घटी एक विस्मयकारी घटना

(इस पोस्ट का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को सुदृढ करते तत्व को उजागर करना मात्र है, कृपया इसे इसी संदर्भ में देखें.)

मोदी-वोदी हिन्दू मुस्लिम बहुत हो गया, मैने भी आज के लिए अलग पोस्ट तैयार कर रखी थी, मगर यह एक ऐसी घटना है जिस पर लिखा ही जाना चाहिए. यह किसी आश्चर्य से कम नहीं, और इसकी आशा गुजरात में भी शायद ही किसी ने की हो, बाहर वाले तो खैर सोच भी नहीं सकते. तभी तो आज के सारे अखबारों ने इस खबर को उत्साह के साथ छापा है. मुसलमानों के सच्चे हितैषियों के लिए यह मार्ग दर्शक है वहीं छद्म सेक्यूलरों के छाती पर साँप लौट सकते है.

गोधरा. जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथिता अपने चरम पर रही है, ऐसी जगह जहाँ कभी भारत-पाकिस्तान का मैच हो और तनाव न फैले ऐसा हो ही नहीं सकता था. यहाँ से कई जगहों पर पाकिस्तानी झण्डे फहराये जाने की खबर आती रही है. यही वह जगह है जहाँ 2002 की साल में हिन्दू यात्रियों को जला दिया गया था और फिर गुजरात में दंगे हुए थे. यही छवि रही है गोधरा की.

इसी शहर के ऐसे संवेदनशील अन्दरूनी क्षेत्र जहाँ एक हिन्दू जाने से बचना ही चाहता हो, रात के दस बजे मुख्यमंत्री बिना अपनी जेड प्लस सुरक्षा के अनिर्धारित कार्यक्रम के तहत पहुँच जाएँ और उनका जोरदार स्वागत हो, “भारत माता की जय” के नारे लगे, हजारों मुस्लिम सड़क के दोनो किनारों पर इक्कठे हो कर उनसे हाथ मिलाए, उनकी कार को रास्ता बताए, यह सपने में भी नहीं सोच सकते. मगर ऐसा ही हुआ. तभी अखबारों ने आश्चर्य के साथ इस खबर को छापा है. ऐसा कैसे सम्भव हुआ यह अंग्रेजी अखबार की खबर का शीर्षक से स्पष्ट हो जाता है, “गोधरा मुस्लिम्स गीव थम्स-अप टु मोदिज़ वर्क”. पिछले सात सालों में जैसा विकास सड़क, पानी और गटर लाइनों का अल्पसंख्यक कहे जाने वाले समुदाय के इस क्षेत्र में हुआ है वैसा मुसलमानों ने पहले कभी नहीं देखा.

घटना गणतंत्र दिवस की है. मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पर्व राजधानी गांधीनगर के बदले हर बार राज्य के अलग अलग क्षेत्रों में मनाए जाते रहे है. इस बार गोधरा को चुना गया. इसका गोधरा में आशा से कहीं अधिक स्वागत हुआ. दशक भर बाद कोई इतना बड़ा उत्सव हुआ जिसमें दोनो समुदायों ने जोश के साथ भागीदारी की. कहते है गोधरावासी इसे वर्षों तक याद रखेंगे. जहाँ कभी पाकिस्तानी झण्डे फहराये जाते थे, उन मस्जिदों को सजाया गया, मुस्लिमों ने अपने घरों पर तिरंगे फहराये और मोदी-मास्क पहने मुस्लिम युवको ने जुलूस निकाला. “भारत-माता की जय” के नारे लगाए.
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उपसंहार:

तुष्टीकरण राष्ट्रविरोधियों को लाभ पहुँचाता है और विकास आम मुसलमान को. अब यह आप पर है कि आप किसके साथ है.
मीडिया द्वारा बनाई छवि पर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इसके अपने एजेंडे हैं.
खुद को बुद्धिजिवी कहलवाने वाले वामपंथी विचारक चूक गए हैं और वे मूर्ख हैं.

समाचार अंग्रेजी में यहाँऔर यहाँ

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23 Responses to “रावण-राज में घटी एक विस्मयकारी घटना”

  1. Anunad Singh says:

    वामपंथ गया तेल बेचने।  इनके सारे  ‘थेसिस’  धूल चाट रहे हैं।  सोवियत संघ को देखा? पूर्वी यूरोप को देखा?  बंगाल को देखा?

  2. SHUAIB says:

    आपने लेख मे किसी की तारीफ ना लिखें, पूरा भारत सो नहीं रहा सबकी आंखें खुली हैं और कान भी। जो लोग मोदी पर उंगलीयां उठा रहे हैं हर दिन उनके मूंह पर थप्पड़ पड़ रहे हैं। वो कहावत सुनी होगी आपने “कुत्ते हाथी को देख भोंकते हैं मगर हाथी है कि खामोश अपना रास्ता लेता है”।

    हमारा मीडिया बिकाऊ है, पैसा देकर जिसके भी विरोध मे कहने को बोलो वो बोलते हैं। बात सिर्फ मोदी की नहीं सभी नेता एकदूसरे की खींचते रहते हैं। कल को अगर मोदी प्रधानमंत्री बन भी जाए तब पूरा मीडिया मोदी की जय जय ज़रूर करेगा। गुजरात मे हिन्दू-मुस्लिम दोनों का बहुत नुक़सान हुआ है और इसके ज़िम्मेदार आज भी आज़ाद घूम रहे हैं।

    हमेशा से भारती उर्दू अख़बार यही लिखते आरहे हैं कि गुजराती मुस्लमानों को मोदी ने डरा धमकाकर कोने मे बिठा रखा है मगर इस ख़बर “गोधरा” मे मोदी केलिए मुस्ल्मानों के चेहरों पर “ख़ुशी की लहर” से सब ख़ामोश बैठेंगे या फिर कहेंगे कि “ज़रूर मोदी की कोई नई चाल है”।

  3. मैथिली says:

    क्या अविश्वसनीय नहीं लगता?
    यानी कि अब अगले माह गुजरात घूमने का कार्यक्रम बनाना चाहिये.

  4. बढ़िया है जी! वैसे रावण के रूप में भजने वाले इसे प्रायोजित होने का आरोप लगा सकते हैं।
    बस अब टिप्पणियों का इंतज़ार है।

  5. जी न्यूज पर क्या यकीन करें। कोई एनडीटीवी का लिंक बताते तो लगता भी!

  6. Suresh Chiplunkar says:

    तहलका ने इस पर क्या कहा?, विकास पुरुष(?) लालू इस बारे में क्या सोचते हैं?, नन्दीग्राम के नन्दी अपनी मूण्डी इस घटना पर कैसे हिलाते हैं… यह देखना अभी बाकी है… जय हो नरेन्द्र मोदी की… भाड़ में जायें सब सेकुलर(?)…

  7. आर्थिक विकास और सामाजिक विकास ही अगले मुद्दे हैं। अब वोटर बेवकूफ नहीं है कि कोई कहें और वे वोट डाल दें। सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य ही खास मुद्दे होंगे। आप यह मानकर चलिए हिंदुस्‍तान में अगले दो चुनाव बाद कोई भी जाति या दंगे के नाम पर चुनाव नहीं जीत पाएगा। हमारे देश में लोग देरी से जागे हैं लेकिन जाग तो गए। गोधरा वाली यह खबर सुखद है कि लोग अब काम की तारीफ कर रहे हैं और काम चाहते हैं ना कि तु मुझे मार और मैं तुझे मारुं। मोदी से अन्‍य राज्‍यों को भी विकास के मामले में सीखना चाहिए ताकि पूरे राष्‍ट्र का बेहतर निर्माण हो सके।

  8. shashwat says:

    हाथी चले बजार, कुत्ता भोंके हजार|

  9. मीडिया और सेकुलरिस्‍टों के बहकाने के बावजूद गोधरा के मुस्लिम इसलिए नरेंद्र मोदी के साथ हैं कि वे मुस्लिमों को एक वोटर के रूप में नहीं अपितु एक नागरिक के रूप में देखते हैं। जय हो नरेन्द्र मोदी की…

  10. Ratnesh tripathi says:

    संजय जी
    नमस्कार
    नरेन्द्र मोदी वर्त्तमान के एकमात्र यैसे नेता है जिनको देखकर यह कहा जा सकता है कि अगर नेता राष्ट्र व जनता के लिये सही में अगर कुछ करना चाहते हैं तो उन्हें नरेन्द्र मोदी से सीखना चाहिए .
    आपके लेख ने यह पूरी तरह दर्शाया है.
       रत्नेश त्रिपाठी

  11. काश नरेन्द्र मोदी जैसे मुख्यमंत्री सभी राज्यों में होते तो इस देश का सुरत ही बदल जाता।

  12. amit says:

    “वाह” – बस सही कहा जा सकता है! 🙂

  13. मोदी जी की उपलब्धियों से हम सब वाकिफ हैं. वास्तविकता तो यह है की गुजरात ही एक मात्र राज्य है जहाँ ठोस प्रगति दिखाई देती है. उनकी काबलियत ख़ुद बा ख़ुद सामने आ रही है.

  14. संजयजी इससे भी आश्चर्यजनक बात गोधरा से 20किमी.निकट शहेरा गांव इस साल सरकारी आर्टस कॉलेज खुली है मझे इंचार्ज प्रिंसीपल के रुप में 1जनवरी को रखा गया है. ये पूरा कस्बा या पिछड़े गांव में अधिकतर मुस्लिम हैं. शहेरा गांव के के मेरे सारे विद्यार्थी मुस्लिम हैं ता.25-01-09 के रोज मख्यमंत्री मोदी आने वाले थे. कोलेज के सारे मुस्लिम छात्र  रात के दो बजे तक मोदीजी के स्वागत की तैटारियों मे लगे रहे..उन्हे खुशी इस बात की है कि आज़ादी के बाद एक मात्र सरकारी क़ालेज शहेरा जेसे छोटे  मुस्लिम गांव में खुली है वे अब पढ़ सकेंगे की खुशी उनके तेहरे पर झलकती है.छोटी छोटी दुकानों पर काम के साथ पढ़ने की ललक ग़जब की है.
    दूसरी तरफ बाज़ार के सिन्धी व्यापारियों की बेटियां खुश इस बात पर हे कि वर्षों के बाद वे भी ग्रेज्युट होंगी.कोलेज मे एक भी मुस्लिम छात्रा का न होना बहुत कुछ कहता है वे बहुत पिछड़े हैं तालिबानी सोच. पर जिस मात्रा में कालेज में मुस्लिम छात्रों ने प्रवेश लिया एक करोज़ छात्रायें भी आयेंगी लोग भेजेंगे.
    गुजरात में विकास कार्यों से मोदीजी का मूल्यांकन अब मुस्लिम करने लगे है.ये अच्छी शुरुआत है आप जिस इलाके की बात कर रहे हैं उसका अवलोकन मैने 26 की रात गोधरा में किया एक पानकी दुकान के हमारे शहरा के दोस्त दोस्त माज़िदभाई हमें  गोधरा खींच ले गये हमारी पल्सर बाइक  साथ हो पिर क्या कहने .गोधरा में रोधनी देखने वालों की तादाद हिन्दुओं से ज्याद मुस्लिमों की थी मैने खुद देखा.
    अंजाम ख़ुदा जाने, आगाज़ तो अच्छा है.

  15. संजय जी मोदी को अब किसी के सर्टिफ़िकेट की ज़रुरत नही है।उन्होने दिखा दिया है विकास ही राजनीति का मूलमत्र है। बाकी रहा सवाल मीडिया का तो उसकी पोल खुल चुकी है।

  16. जीतू says:

    सबसे बड़ी बात, यदि सभी नेता, जाति पाति, अगड़े पिछड़े भूलकर, विकास के कार्यों मे लग जाए, चुनाव सिर्फ़ विकास, सुख समृद्दि के मुद्दे पर लड़े जाए, तभी देश का कुछ भला हो सकता है। रही बात मीडिया की, उनको बोलने दीजिए, उनका काम ही कुछ ना कुछ कहना है। बस मोदी को चाहिए  कि ये विकास की बयार जारी रखें, बार बार लगातार। गुजरात को एक मॉडल प्रदेश बनने दीजिए। दूसरे अपने आप नसीहत लेंगे, आज नही तो कल। ये बुड्डे नेता नही तो नवजवानो नेताओं की नयी खेप।

  17. सेक्यूलर्स नहीं आये! टांग अड़ाने!

  18. mukesh Sharma says:

    Good thinking . I like it . Narender Modi is very good  leader & good C.M. He is become a PRIME MINISTER .

  19. Tarun says:

    नरेन्द्र मोदी के लिये चाहे कुछ भी कहे, इनमें चाहे हजार बुराईयाँ क्यों ना हो लेकिन नरेन्द्र मोदी दा जवाब नही। हम तो पंखें है, बस पढ़ पढ़ कर घुमे जा रहे हैं।

  20. G Vishwanath says:

    pseudo secularist वाले तो यही कहेंगे न कि यह चुनावी stunt है!

  21. irshad siddiqui says:

    modi itne smman wale hain ki ambani ne yhan tak kah diya ki bharat ka agar koi prdhan mantri ho to modi ko hona chahiye ,,,,,,,,,,,lekin aek ajeeb bat dekhne ko mili ki hzar koshish ke bad bhi unhi ke bhai america ne modi ko vissa na diya
    vissa na deta na sahi lekin ye to na kahta ki ye adam khor hai

  22. इरशाद पहले तो आभार कि बिना छद्म नाम के टिप्पणी की, वरना आजकल हिन्दु नाम से ऐसी टिप्पणी करने का रिवाज चल रहा है.

    अब मोदी के विजा पर. तो विजा तभी रद्द होता है जब उसके लिए आवेदन किया हो. मोदी ने आवेदन ही नहीं किया तो रद्द कहाँ से होगा. वामपंथी व जैहादी लगातार छूटा प्रचार कर रहे हैं.

  23. k.p.singh says:

    क्या ही अच्छा होता की गुमराह मुसलमान भाई समझ जाते की हम सभी एक हैं.हमारे पूर्वज एक हैं.हमारी संसकृति एक है.सबकी भलाई में ही भलाई है.

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