वित्तिय वर्ष का अंतिम दिन

कल से नया वित्तिय वर्ष शुरू हो जाएगा. कभी अलग अलग जगहों पर “राम नवमी” या ऐसे ही किसी दिन से वर्ष की शुरूआत हुआ करती थी, बाद में सारे देश के एक ही व्यवस्था लागू कर दी गई.

financeवर्ष के शेष होने के साथ ही वर्षभर का लेखाजोखा तैयार करने की सरगर्मियाँ तेज हो गई है. हमारे प्रदर्शन से मैं ज्यादा संतुष्ट नहीं हूँ. पिछले वर्ष की मंदी और इस वर्ष की मंहगाई ने प्रगति को धो दिया. जो लक्ष्यांक हमने तय किये उन्हे छू नहीं पाए. बहाने कई हो सकते है मगर यह सही है कि तमाम अवरोधों के बाद भी अस्तित्त्व बचाने में सफल रहे. यानी मेरे सहित कई लोगों के रोजगार को बचा लिया. जवाब तो इस बात का भी देना पड़ेगा कि गैर-व्यवसायिक गतिविधियों (ब्लॉगिंग सहित) में लगाए समय ने कम्पनी का कितना नुकसान किया?

अपने बचाव में कुछ बाते है जिन्हे खुद से भी कह कर संतुष्ट हो लेता हूँ कि “लाभ नहीं पहले ग्राहक के हित को प्राथमिकता” वाले हमारे सिद्धांत के कारण इस वर्ष भी कोई ग्राहक हमें छोड़ कर नहीं गया, वहीं कुछ नए ग्राहक भी बने. यानी सम्भावनाएं उज्जवल है. आशा है छूट गए लक्ष्यांक इस वर्ष में पा लेंगे. साथ ही नए साल में और लोगों को रोजगार दे पाएं यही कामना है.

वर्ष के अंत में (बैलेंस-सीट बनाने जैसी) बहुत सारी तैयारी करनी होती है, इसका अर्थ करचोरी से कतई नहीं है. बहुत सारे दस्तावेज अपने सी.ए. के साथ मिलकर कानून-अनुरूप तैयार करने है और इसकी पेचीदा प्रणाली जो सरकारी बाबूओं द्वारा हर साल और ज्यादा पेचीदा बना दी जाती है से दो-चार होना है. मेरी इस बात को छोटे व्यवसाय से जूड़ा व्यक्ति ही समझ सकता है.

खैर सभी उद्यमियों को नए वर्ष की शुभकामनाएं. सभी के लिए भरपूर प्रगति व समृद्धि की कामना करता हूँ. शक्तिशाली भारत के लिए इसका समृद्ध होना पहली शर्त जो है.

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4 Responses to “वित्तिय वर्ष का अंतिम दिन”

  1. P.C.Godiyal says:

    इस बात का भी देना पड़ेगा कि गैर-व्यवसायिक गतिविधियों (ब्लॉगिंग सहित) में लगाए समय ने कम्पनी का कितना नुकसान किया?
    Bad Debts mein daal dena 😀 Wish you a Happy New Financial Year !

  2. “लाभ नहीं पहले ग्राहक के हित को प्राथमिकता”..
    अब लाभ प्रमुखता है-ग्राहक हित कौन सोचता है.

  3. बहुत जरुरी है.

  4. प्रणाली को सरल करने के चक्कर में सरकार जी ने इसे पेंचीदा कर दिया संजय भाई. सरकार का कमाल ही कहेंगे इसे. क्लोजिंग की अफरा-तफरी को अक्सर कर चोरी से जोड़ कर देखा जाता है, जो ठीक नहीं है. अगले वित्तवर्ष में आपके सारे लक्ष्य आप साध लें, यही कामना है.

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