निजता की कीमत पर सुविधाएं

मोबाइल फोन पर संदेश उभरा कि आपकी फ्लाइट 8.30 बजे की है अतः आपको 6 बजे निकलना चाहिए. संदेश पढ़ कर एक बार तो मैं चौंका, फिर मुझे याद आया कि छोटे भाई ने अपनी टिकट प्रिंट करने के लिए मुझे मेल की थी. जी-मेल पर मेल आयी थी.

मेल में जो जानकारी थी वह गूगल के पास थी ही. फोन भी एंड्रोइड का है और न भी होता तो गूगल की इतनी सारी सेवाएं लगातार हम उपयोग में लेते हैं कि गूगल का अकाउंट अनेबल करते ही हैं. बस गूगल-नाऊ और अन्य सेवाएं आपस में गुंथी हुई है. सारी जानकारियाँ गूगल के पास जाती है और मशीनें अपने हिसाब से विश्लेषण कर उसका उपयोग करती हैं, लाभ उठाती है. इतना जरूर है कि गहराई में न जाते हुए हम अपनी निजता खो कर भी खुश होते हैं कि जीवन कितना आसान हो गया है. कुछ सच्चे उदाहरण देखें….

शाम का समय है, मोबाइल की स्क्रीन पर संदेश चमकता है, आपके घर जाने का समय हो गया है. घर पहुँचने का सम्भावित समय आधा घंटा है. आप फलाने-फलाने मार्ग से जा सकते है. आपकी गाड़ी (नक्शे में स्थान दिखता है) यहाँ पार्क है. सुबह आते समय जहाँ गाड़ी खड़ी की थी, वह जगह नक्शे में दिखाई देती है! जीवन कितना आसान हो गया लगता है. कभी कभी रोमांचित भी करता है. इस सब के बीच यह ध्यान ही देते कि आने जाने के समय के अनुसार गूगल की मशीनों ने अनुमान लगा लिया था कि यह आपका घर है, यह ऑफिस है. आने जाने का समय यह है. फोन आपके साथ भ्रमण करता है, जिसके स्थान-सुचक यंत्र से गति व दिशा की जानकारी दर्ज होती रहती है. आने जाने की गति से अनुमान लगा लिया कि कार होगी, फिर पैदल चले तो अनुमान लगा लिया कि गाड़ी यहाँ छोड़ दी है. रूकिये, अभी आश्चर्य मत कीजिये, दुसरा उदाहरण बाकि है.

मैने दुसरे शहर में रह रहे अपने एक मित्र को फोन किया, क्यों भैया इस समय फलानी जगह क्या कर रहे हो? मित्र सकते में आ गया. उसने पूछा, तुम्हें कैसे पता चला? मैने कहा, भाई तुमने भूल से अपनी लोकेशन शेयर कर रखी है. अब जहाँ आते हो मुझे भी दिखता रहता है कि कहाँ हो.

श्रीमति ने मुझे अपना फोन दिखाते हुए पुछा, देखो फेसबुक में ‘शायद आप इन्हें जानते है’ कहते हुए जिस महिला की तस्वीर दिखा रहा है, उससे आज पहली बार मिली थी, उससे कोई अन्य ‘कनेक्शन’ नहीं है. फिर फैसबुक को कैसे पता चला कि शायद मैं इसे जानती हूँ? सरल शब्दों में एक सीधा सा जवाब है, आपका फोन स्मार्ट है. सामने वाले का भी कौन सा कम स्मार्ट होगा. दोनो ने अपनी एक ही समय में एक ही स्थान पर होने की जानकारी गूगल/फेसबुक को भेजी होगी. शेष तकनीक पर छोड़ दीजिये. फैसबुक में ऐसा भी हुआ हो सकता है कि किसी ने प्रोफाइल देखी तो सामने वाले को ‘क्या आप इन्हें जानते है’, का संदेश दिखने लगे. ना ना प्रकार के ‘एल्गोरिद्म’ है.

स्मार्ट फोन हमारा है, मगर हम किससे मिल रहे हैं, कहाँ जा रहे है, क्या खरीद रहे हैं, सब जानकारियाँ गूगल व ऐसी ही सेवा देने वाले को भेजता रहता है.

यानी गोपनियता प्यारी है तो जरूरत के समय स्मार्ट फोन की स्मार्टनेश को ताला लगाते रहें.

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